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पूर्व सीएम चंपाई सोरेन पर 33 साल बाद विस्फोट केस में तय हुए आरोप, 1993 के झामुमो बंद से जुड़ा है मामला  

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चाईबासा
33 साल पुराने विस्फोट के एक मामले में मंगलवार को चाईबासा व्यवहार न्यायालय ने अहम आदेश सुनाया। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री सह सरायकेला विधायक चंपाई सोरेन समेत तीन जीवित आरोपियों के खिलाफ अदालत ने आरोप गठित कर दिए हैं। इसके साथ ही इस बहुचर्चित मामले में ट्रायल की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।
यह आदेश चाईबासा व्यवहार न्यायालय के प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विनोद कुमार की अदालत में पारित किया गया। सुनवाई के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ सह-आरोपी श्यामनंदन टुडू उर्फ डॉक्टर टुडू और अरुण महतो भी कोर्ट में पेश हुए।


अदालत ने तीनों के विरुद्ध विस्फोटक अधिनियम के तहत आरोप तय करते हुए गवाहों की गवाही दर्ज करने का निर्देश दिया है। यह मामला वर्ष 1993 का है, जब झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) द्वारा बुलाए गए बंद के दौरान विस्फोट की घटना सामने आई थी। इसी घटना को लेकर विस्फोटक अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया था, जो वर्षों से न्यायिक प्रक्रिया में लंबित रहा। 


कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए चंपाई सोरेन ने खुद को निर्दोष बताया और कहा कि उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। उन्होंने न्यायिक प्रक्रिया का सामना करने की बात भी दोहराई। इस मामले में कुल छह आरोपियों की पहले ही मृत्यु हो चुकी है। अब केवल तीन आरोपी जीवित हैं, जिनके खिलाफ अदालत में आगे ट्रायल चलेगा। आरोप तय होने के बाद अब गवाहों की गवाही दर्ज की जाएगी। इस केस पर राजनीतिक और सामाजिक हलकों की नजरें टिकी हुई हैं।


 

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